स्टॉक मार्केट से होगी पीएफ खाताधारकों की कमाई, हर महीने बढ़ेगा पैसा

अगर आप पीएफ खाताधारक हैं तो अब हर महीने आपको स्टॉक मार्केट से अतिरिक्त कमाई करने का मौका मिलेगा. इससे न केवल आपका पैसा बढ़ेगा बल्कि आगे अच्छा रिटर्न भी मिलने की उम्मीद है.

स्टॉक मार्केट

15 फीसदी होगा स्टॉक मार्केट में निवेश

ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की गुरुवार को बैठक में फैसला लिया गया है कि अब से अंशधारकों के हर महीने जमा होने वाली रकम का कुछ हिस्सा स्टॉक मार्केट में निवेश किया जाएगा. बाकी रकम रकम कैश के तौर पर पीएफ खाते में दिखेगी. ईटीएफ यूनिट में 15 फीसदी का निवेश किया जाएगा. यही नहीं ईपीएफओ ने अब निजी क्षेत्र के डबल ए प्लस बॉन्ड्स में भी निवेश का फैसला किया है. इसके पहले वो ट्रिपल ए रेटिंग वाले बॉन्ड्स में ही निवेश करता था.

रिटायरमेंट, खाता बंद करने पर मिलेगा पैसा

ईपीएफओ ने अब तक ईटीएफ में 32300 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इस बैठक में ईटीएफ यूनिट को रिडीम करने का फॉर्मूला भी तय हुआ है जिसके मुताबिक रिटायरमेंट या पीएफ खाता बंद करने पर ईटीएफ यूनिट रिडीम हो सकेगी.


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इसके अलावा क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया तेज़ करने की भी कवायद जारी है और आगे सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम को मंज़ूरी मिल सकती है. अब एनपीसीआई के जरिए पेमेंट होगा. कैग ने ईपीएफओ के इस कदम को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है.

श्रम मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले इस साल की शुरुआत में हुई सीबीटी की बैठक में इसे कैग के पास मंजूरी के लिए भेजने पर सहमति बनी थी. कैग ने हालांकि अपनी मंजूरी देने के साथ ही कुछ आपत्तियां जताई हैं, जिन पर अगली मीटिंग में विचार किया जाएगा.

ईटीएफ में हो जाएगा 45 हजार करोड़ का निवेश

इस वित्त वर्ष की समाप्ति तक ईपीएफओ द्वारा ईटीएफ में किया गया निवेश 45 हजार करोड़ के पार चला जाएगा. ईपीएफओ ने ईटीएफ में अगस्त 2015 में निवेश करना शुरू किया था. पहले यह 5 फीसदी था, जिसे बढ़ाकर के 15 फीसदी कर दिया गया है.

ईटीएफ में किए गए अंशधारकों के निवेश को विथड्रॉल के वक्त पर निकाल सकेंगे. ईपीएफओ के पास अभी 10 लाख करोड़ का कॉर्पस फंड है.  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अगले साल तक पूरी तरह से पेपरलेस हो जाएगा. केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत इसको किया जाएगा. श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि अभी ईपीएफओ की कुछ सर्विस ही ऑनलाइन हुई हैं, हालांकि लोगों की सुविधा के लिए जल्द ही कई सारी सर्विस डिजिटल हो जाएगी.

कंपनी बदलने पर देना होगा केवल यूएएन नंबर

अगर कोई कर्मचारी एक कंपनी बदलकर दूसरी कंपनी में जाता है, तो फिर उसे नई कंपनी में केवल अपना यूएएन नंबर देना होगा और पेपर वर्क करने की जरुरत नहीं पड़ेगी. इसके साथ नॉमिनी की डिटेल और शेयर प्रतिशत के बारे में भी एक ही बार जानकारी देनी होगी.

डिजिटल वॉलेट के लिए हाइक और एयरटेल पेमेंट बैंक ने किया करार

सेंट्रल प्रोवीडेंट फंड कमिश्‍नर वीपी जॉय ने कहा, ‘ईपीएफओ ने एक लक्ष्‍य तय किया है. हमनें अगले स्‍वतंत्रता दिवस तक इलेक्‍ट्रॉनिक पेपर-फ्री संगठन बनने का निर्णय लिया है, जहां सभी सेवाएं इलेक्‍ट्रॉनिकली (ऑनलाइन या मोबाइल हैंडसेट के जरिये) उपलब्‍ध कराई जाएंगी.’

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Author: Akash Trivedi

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