सीलिंग के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने छेड़ा अभियान, व्यापारियों ने मांगी भीख

देश की राजधानी दिल्ली में आज सीलिंग के खिलाफ कारोबारियों का महाबंद है। दिल्ली के अधिकतर छोटे व बड़े बाजार बंद हैं। पुरानी दिल्ली के सभी थोक व रीटेल बाजार बंद हैं, तो बाकी दिल्ली में भी दुकानदार अपना कारोबार बंद कर विरोध जता रहे हैं, जिसकी वजह से दिल्ली की सड़कों जगह-जगह जाम की खबरें भी आ रही हैं। कारोबारी संगठनों के इस महाबंद को आम आदमी पार्टी, कांग्रेस के अलावा बीजेपी का भी समर्थन हासिल है। सीलिंग के विरोध में बाजारों में धरने प्रदर्शन का दौर जारी है। सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी हो रही है।

सीलिंग के खिलाफ कारोबारियों का महाबंद

इस बंद का ऐलान कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स और उसके सहयोगी व्यापारी संगठनों ने किया है। अन्य कारोबारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री (सीटीआई) व उससे जुड़े व्यापारी संगठन भी इसमें शामिल हैं। सीलिंग को लेकर दुकानदारों में बहुत ज्यादा नाराजगी है, बाजारों के साथ-साथ कॉलोनियों के दुकानदार भी इसमें शामिल हो रहे हैं।


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सुबह 11 बजे तक मिली जानकारी के अनुसार महाबंद में चांदनी चौक, खारी बावली, कश्मीरी गेट, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, नई सड़क, नया बाजार, श्रद्धानंद बाजार, लाहौरी गेट, दरियागंज, कनॉट प्लेस, करोल बाग, पहाड़गंज, खान मार्केट, कमला नगर, अशोक विहार, मॉडल टाउन, शालीमार बाग, पीतमपुरा, पंजाबी बाग, राजौरी गार्डन, तिलक नगर, उत्तम नगर, जेल रोड, नारायणा, कीर्ति नगर, द्वारका, जनकपुरी, दक्षिणी दिल्ली में ग्रेटर कैलाश, साउथ एक्सटेंशन, डिफेंस कॉलोनी, हौजखास, ग्रीन पार्क, युसूस सराय, सरोजिनी नगर, तुगलकाबाद, कालकाजी के अलावा यमुनापार के लक्ष्मी नगर, प्रीत विहार, मयूर विहार, शाहदरा, कृष्णा नगर, गांधी नगर, दिलशाद गार्डन, लोनी रोड, सहित प्रमुख बाजारों के बंद होने की सूचनाएं मिल रही हैं।

कन्फेडरेशन के महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल व प्रदेश इकाई के पदाधिकारी सुशील कुमार गोयल, देवराज बवेजा, नरेंद्र मदान, उमेश सेठ का दावा है कि इस बंद में दिल्ली के 2000 से ज्यादा व्यापारिक संगठनों के सात लाख से ज्यादा दुकानदार व प्रतिष्ठान शामिल हैं। सीलिंग ने दुकानदारों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, साथ ही उन्हें रोजाना तनाव में जीना पड़ रहा है। यही कारण है कि इतनी बड़ी तादाद में दुकानदार व व्यापारी इस बंद में शामिल हो रहे हैं। इस अवसर पर कन्फेडरेशन की ओर दिल्ली के छह प्रमुख इलाकों व बाजारों में धरना व प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। आंदोलन का मुख्य फोकस पुरानी दिल्ली है।

दिल्ली बंद के विरोध में करोल बाग के टैंक रोड पर चैंबर ऑफ ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के पदाधिकारियों व सदस्यों ने एकत्र होकर कटोरा मार्च निकाला। सीटीआई के संयोजक बृजेश गोयल व हेमंत गुप्ता ने कहा कि पहले केंद्र सरकार और अब दिल्ली की एमसीडी की वजह से राजधानी के व्यापारियों की हालत ऐसी हो गई है कि उन्हें हाथ में कटोरा लेकर गली-गली घूमने को मजबूर होना पड़ रहा है।

सीटीआई के महासचिव रमेश आहूजा व राकेश यादव का कहना है कि कन्वर्जन चार्ज के नाम पर एमसीडी खासतौर से नॉर्थ एमसीडी पुरानी दिल्ली के बाजारों को भी निशाने पर ले रही है। हालांकि इन बाजारों का रिकॉर्ड 1962 से पहले का है। तिलक बाजार, खारी बावली केमिकल मर्चेंट असोसिएशन के प्रदीप गुप्ता का कहना है कि चांदनी चौक, लाल किला, खारी बावली, जामा मस्जिद, दरियागंज, किनारी बाजार आदि सभी ओल्ड सिटी में आते हैं और सब दिल्ली के ऐतिहासिक बाजारों में शुमार हैं। अब यहां कनवर्जन चार्ज की मांग करते हुए जबरन दुकानदारों का धंधा बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस वजह से दिल्ली के कोने-कोने के व्यापारी आज इस बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे हैं। मार्च के दौरान सभी व्यापारियों ने अपने अपने हाथों में कटोरा लिया हुआ था। वे भीख मांगते हुए चल रहे थे। उनका सवाल बस यही है कि व्यापारियों को निशाने पर क्यों लिया जा रहा है?

सीलिंग अभियान के खिलाफ चल रहे इस बंद में पार्टियां भी शामिल हैं। बीजेपी नेताओं ने इस बंद को नैतिक समर्थन दिया ही है। आम आदमी पार्टी व कांग्रेस ने भी इस महाबंद को समर्थन देने की घोषणा की है। आप की ओर से व्यापक बंद का नेतृत्व पार्टी के वरिष्ठ नेता एंव दिल्ली संयोजक गोपाल राय कर रहे हैं तो दिल्ली सरकार में मंत्री इमरान हुसैन और चांदनी चौक की पूर्व विधायक अलका लांबा चांदनी चौक इलाके में टाउन हॉल पर धरना देंगे।

आप नेताओं व कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की सभी 70 विधानसभाओं में सीलिंग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने माना कि सीलिंग से कारोबारी बुरी तरह त्रस्त हैं इसलिए इस बंद को उनका नैतिक समर्थन है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा है कि उनकी पार्टी कारोबारियों के दुख के साथ है। हमारे नेता व कार्यकर्ता भी विभिन्न बाजारों में जाकर बंद के खिलाफ विरोध दर्ज करेंगे।

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Author: Ashutosh Mishra

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