शिक्षा का मजाक उड़ाने वाले शिक्षकों का क्यों न रोक दिया जाए वेतन?

पटना: नहीं पढ़ाने वाले शिक्षकों का वेतन रोक देने के मामले में पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को पटना विविद्यालय से जवाब मांगा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता व न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने विविद्यालय को इस पर चार हफ्ते में जवाब देने को कहा है।शिक्षा के नाम पर छुट्टी लेकर दूसरे विविद्यालय चले जाने व रहने के बावजूद नहीं पढ़ाने वाले शिक्षक, रीडर व प्रोफेसरों का वेतन रोक देने तथा दिये गये वेतन की वसूली को लेकर डॉ. धर्म प्रकाश ने याचिका दाखिल की है।

शिक्षा का मजाक उड़ा ले रहे हैं वेतन

उन्होंने कहा कि जो शिक्षक शिक्षा के नाम पर छुट्टी लेकर चले गये हैं और उसका कोई हिसाब नहीं दिया है तथा रहने के वावजूद नहीं पढ़ाते हैं, उन्हें वेतन नहीं दिया जाय। साथ ही इस दौरान के दिये वेतन की वसूली की जाय। उन्होंने यह भी कहा कि जो शिक्षक आपराधिक मामले में जेल चले गये थे, उन्होंने भी वेतन ले लिया है। उसको लेकर उच्च शिक्षा निदेशक ने कार्रवाई को लेकर पत्र लिखा तो भी कार्रवाई नहीं की गयी।

इस तरह से शिक्षक शिक्षा का मजाक उड़ा रहे हैं और वेतन ले रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की क्यों नहीं स्थानीय निकाय की सलाह से निकालते विकास कार्य का टेंडरस्थानीय निकाय से सलाह लिये बगैर विकास कार्य के लिए टेंडर निकाले जाने के मामले में पटना उच्च न्यायालय ने शहरी विकास एवं आवास विभाग से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने इस मामले में विभाग के प्रधान सचिव से भी 17 जनवरी को पेश होकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।



हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!




पटना हाईकोर्ट सख्त

स्थानीय निकाय से सलाह लिये बगैर विकास कार्य के लिए टेंडर निकाले जाने को लेकर नौबतपुर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद कौशल कौशिक ने याचिका दाखिल की है। उनकी तरफ से अधिवक्ता एसबीके मंगलम ने कहा कि विकास कार्य के लिए सरकार अपनी मर्जी से टेंडर निकाल देती है। उसे यह पता नहीं कि स्थानीय लोगों के लिए पहले क्या आवश्यक है।

स्थानीय निकाय से सलाह लिये बगैर विकास कार्य के लिए टेंडर निकाले जाने से कार्य तो होता है, लेकिन स्थानीय लोगों की मूल समस्या बरकरार रहती है। सरकार स्थानीय निकाय से सलाह लेकर टेंडर निकालती तो उससे स्थानीय लोगों की मूल समस्या का पहले निकाकरण हो पाता। इसे देखते हुए न्यायालय विभाग को निर्देश दे कि वह स्थानीय विकास को लेकर वहां के निकास से परामर्श कर टेंडर निकाले जाय।

loading...

Author: Vineet Verma

Share This Post On

Submit a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

X