सुप्रीम कोर्ट में एनजीओ स्‍वराज अभियान की ओर से दायर याचिका में 2006-07 में वीवीआईपी हेलिकॉप्‍टर खरीदी और कथित रूप से सीएम रमन सिंह के बेटे से जुडे अकाउंट के जांच की मांग की गई थी. याचिका में तर्कों की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पहले ही कहा था कि यह सबसे ज्‍यादा चिंता की बात है कि क्‍या कोई ‘फ्राड’ वीआईपी ऑगस्टावेस्टलैंड हेलिकॉप्‍टर की खरीदी में हुआ है.

एनजीओ स्‍वराज अभियान की ओर से वकील प्रशांत भूषण कोर्ट में पेश हुए. उन्‍होंने कोर्ट को बताया कि आरटीआई से मिली जानकारी से सामने आया है कि जिन बेल हेलिकॉप्‍टर को मना किया जा चुका था, सरकार उन्‍हें अभी भी किराए पर ले रही है. वहीं, छत्‍तीसगढ़ सरकार ने कहा था कि ठेके में इन हेलिकॉप्‍टर को लेने में कुछ भी गलत नहीं है और अभी वर्तमान में देश में 24 ऑगस्टावेस्टलैंड किराए पर उड़ान भर रहे हैं. इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट के खारिज करने पर सीएम रमन सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा,’ यह याचिका राजनीति से प्रेरित थी. वे जनता की अदालत में तीन बार हार चुके हैं, इसलिए वे ऐसी चाल में शामिल हैं.’


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