विदेशी तकनीक से बदमाशों का नेटवर्क तोड़ेगी पुलिस, जवानों को विशेष ट्रेनिंग

हरियाणा में बढ़ते अपराध से निपटने के लिए पुलिस अब अपना तरीका बदलेगी। नई रणनीति के तहत न सिर्फ अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलेगा, बल्कि अपराध की जड़ तक जाकर बदमाशों का नेटवर्क खत्म किया जाएगा। इसके अलावा नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी से निपटने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। पुलिस महानिदेशक और सीआइडी प्रमुख के बीच बैठक में बनी रणनीति पर जल्द ही मुख्यमंत्री की मुहर लग जाएगी।

पिछले महीने मुख्यमंत्री के साथ इजरायल दौरे पर गए पुलिस अफसरों की सिफारिश पर जवानों को अत्याधुनिक हथियारों के अलावा हाईटेक उपकरणों एवं तकनीक से लैस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इजरायल की तर्ज पर हरियाणा के पुलिस सिस्टम में काफी कुछ बदलाव होंगे।

पुलिस की नजर पंजाब व राजस्थान के रास्ते हरियाणा में नशीले पदार्थों और उत्तर प्रदेश से अवैध हथियारों की तस्करी पर है। नशे और हथियारों की तस्करी में लगे बदमाशों के खिलाफ अभियान पहले भी चलता रहा है, लेकिन अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए गिरोह तक पहुंचा जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और चंडीगढ़ पुलिस की सहायता ली जाएगी।


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इसी तरह अवैध हथियारों की फैक्टरी तो कई बार पकड़ी जा चुकी, लेकिन यह जानने का प्रयास कभी नहीं किया गया कि इन हथियारों के लिए गोलियां कहां से आती हैं। बदमाशों से देसी तमंचों के साथ सेना और विदेशी गोलियां तक बरामद की जा चुकीं। पुलिस की स्पेशल टॉस्क फोर्स गोलियां सप्लाई करने वालों तक पहुंचेगी। इसके लिए गोपनीय रणनीति पर काम चल रहा है।

इस्राइल से लौटने के बाद सीआइडी प्रमुख अनिल राव मसले को लेकर पुलिस महानिदेशक बीएस संधू के साथ बैठक भी कर चुके हैं। गृह मंत्रालय चूंकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास है, इसलिए जल्द ही पुलिस के आला अफसर उनके साथ बैठक करेंगे। राव ने बताया कि प्रदेश में अपराध को रोकने के लिए पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों से बैठकें हो चुकी हैं। अपराधियों के साथ-साथ अपराध की जड़ तक पहुंचने के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है।

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Author: Desk

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