वाराणसी में संत रविदास की चौखट पर पहुंचे सीएम योगी, कहा धर्म का अनुशासन सबसे बड़ा

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनवरी में तीसरी बार प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में बुधवार पहुंचे। वे संत रविदास जयंती के मौके पर सीरगोवर्धन स्थित जन्मस्थली पर आयोजित मेले में हिस्सा ले रहे हैं। संत रविदास के दरबार में मत्था टेकने के बाद योगी अफसरों के साथ बनारस में चल रहे विकास कार्यों व राज्य-केंद्र की योजनाओं की प्रगति के संबंध में समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी अादित्यनाथ ने कहा कि धर्म अनुशासन सबसे अधिक प्रभावी।

संत रविदास

संत रविदास की जन्मस्थली पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार करें स्थानीय मंत्री और उनकी टीम, सरकार सहयोग करेगी। मुझे प्रधानमंत्री जी ने यहां आने के लिए निर्देशित किया, अन्य व्यस्तता के चलते वे नहीं आ पाए।


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रैदासियों को किसी से कुछ मांगने की जरूरत नहीं, मोदी और योगी को आपने क्यों इस जगह पहुंचाया। आपने हमें सक्षम बनाया है तो हम सरकारें चिंता करेंगी। अवकाश रद किया ताकि लाखों आयोजन हों और नई पीढ़ी को पता चले कि संत रविदास कौन थे, वरना तो लोग छुट्टी मनाते रविदास को नहीं जान पाते।

उद्यमियों की समस्याओंसंत रविदास जयंती पर्व पर यहां सीर गोवर्धन में देश विदेश के श्रद्धालुओं की आस्‍था का सागर उमड पडा है वहीं मुख्‍समंत्री योगी आदित्‍यनाथ भी बुधवार को सीर गोवर्धन में संत को नमन और दर्शन पूजन करने दोपहर पहुंचे।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर दोपहर12.8 बजे बीएचयू स्थित हेलीपैड पर उतरा। यहां पर कार्यवाहक कुलपति, जिलाधिकारी व अन्य मंत्री, विधायक ने स्वागत किया।

इसके बाद 12.16 बजे सीएम का काफिला सीर गोवर्धन के लिए रवाना हुआ। यहां सीएम ने संत को नमन किया और प्रसाद ग्रहण किया।

इसके बाद सभा को संबोधित करते हुए संत रविदास के योगदान को भी बखाना। कहा कि संत रविदास की जन्मस्थली पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार करें स्थानीय मंत्री और उनकी टीम, सरकार सहयोग करेगी।

मुझे प्रधानमंत्री जी ने यहां आने के लिए निर्देशित किया, अन्य व्यस्तता के चलते वह नहीं आ सके हैं। रैदासियों को किसी से कुछ मांगने की जरूरत नहीं, मोदी और योगी को आपने क्यों इस जगह पहुंचाया।

आपने हमें सक्षम बनाया है तो हमारी सरकारें चिंता करेंगी। प्रदेश में रविदास जयंती का अवकाश रद किया ताकि लाखों आयोजन हों और नई पीढ़ी को पता चले कि संत रविदास कौन थे, वरना तो लोग छुट्टी मनाते और संत रविदास को नहीं जान पाते।

सीएम ने लिया लंगर प्रसाद

सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने संत रविदास गेस्ट हाउस में 50 लोगों के साथ लंगर प्रसाद ग्रहण किया। उनको रोटी, दाल, जीरा राईस, मशरुम, पालक पनीर व आलू की खट्टी-मीठी सब्जी, रायता, सलाद परोसा गया।

उनके साथ पंगत में मंत्री नीलकंठ, प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी समेत अधिकारी और मंदिर ट्रस्‍टी भी मौजूद रहे। मंदिर में दर्शन के बाद उनहोंने काफी पी और फिर सत्संग पंडाल गये।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संत निरंजनदास दोनों बुधवार को पंगत में साथ बैठकर लंगर छकेंगे। रविदास मंदिर प्रबंधन के अनुसार मुख्यमंत्री करीब साढ़े 11 बजे परिसर में पहुंचेंगे।

दर्शन पूजन के उपरांत वह वीवीआईपी कक्ष में कॉफी के साथ रविदासिया धर्म पर चर्चा करेंगे। यहां करीब 15 मिनट रुकने के बाद पौने बारह बजे सीएम मुख्य पंडाल के लिए प्रस्थान करेंगे। जहां मंदिर प्रबंधन की तरफ से उन्हें सरोपा और भगवा शाल भेंट की जाएगी।

मंच पर ही रविदासिया धर्म का निशान साहब और संत रविदास की रजत प्रतिमा भी बतौर स्मृति चिह्न मुख्यमंत्री को भेंट की जाएगी। वापसी में मुख्यमंत्री लंगर छकेंगे। जिसमें बिना लहसुन प्याज की दाल-रोटी के साथ रायता भी रहेगा।

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ट्रस्टी केएल सरोए ने कहा कि हमारी ओर से मुख्यमंत्री से किसी भी प्रकार की कोई मांग नहीं की जाएगी। जहां तक जरूरतों का प्रश्न है तो मंदिर क्षेत्र में भक्तों की सुविधा की दृष्टि से अस्पताल, यात्री निवास, मंदिर के पास 50 मीटर लंबा गलियारा और लंगर हॉल अत्यंत आवश्यक है। हम लोग भक्तों के सहयोग से इन कार्यों को भी पूरा करने में लगे हुए हैं।

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Author: Akash Trivedi

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