भारत में जलक्रांति का श्रेय बाबासाहब को, गुजरात के मंदिरों ने दिया पैसा : मोदी

गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बाँध का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने  नेशनल ट्राइबल फ्रीडम फाइटर्स म्यूजियम का उद्घाटन किया. वहां पर आयोजित जनसभा में पीएम ने कहा कि देश के महापुरुषों में सरदार वल्लभ भाई पटेल और बाबा साहब अंबेडकर कुछ वर्ष और जिंदा रहते, तो सरदार सरोवर डैम बहुत पहले बन गया होता, लेकिन दुर्भाग्य से हमने उन्हें खो दिया.

सरदार सरोवर बांध : विवादों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात को दिया तोहफा

उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर बांध देश की ताकत का प्रतीक बनेगा. भारत में जलक्रांति का श्रेय अंबेडकर को जाता है और सरदार पटेल जीवित रहते तो ये बांध 60 के दशक में ही बन जाता.

गुजरात के मंदिरों ने दिया पैसा

प्रधानमंत्री ने वर्ल्ड बैंक पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया के शीर्ष बैंक ने पर्यावरण का हवाला देते हुए फंड देने से मना कर दिया. जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री बना, तो देखा कि लोगों को पीने के पानी के लिए तमाम मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं. पाकिस्तान सीमा पर तैनात हमारे जवानों को पानी के लिए मेहनत करनी पड़ती थी.

मोदी ने कहा कि हम पर अनाश शनाप आरोप लगाए गए. लेकिन, हमने हमेशा इसको राजनीतिक विवाद से बचाने की कोशिश की. सबने राजनीति की और मुश्किलें खड़ी करने की कोशिश की. गुजरात के संतों ने हमारा साथ दिया और गुजरात के मंदिरों ने भी पैसे दिए गए थे. तब जाकर सरदार सरोवर डैम बना. ये कोटि-कोटि जनों का काम है.

मोदी ने बांध से जुड़े कैनाल नेटवर्क को इंजीनियरिंग का जादू करार दिया और कहा कि 700 किलोमीटर दूर से जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात जवानों के पास पानी पहुंचा, तो उनके चेहरे पर खुशी देखने लायक थी.

प्रधानमंत्री ने बताया कि पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत और जसवंत सिंह राजस्थान को इस डैम से पानी मिलने को लेकर भावुक थे. जिस पानी के लिए तलवारें चलती थी. उसे पानी मिलना, कितनी बड़ी बात है. हमने बाड़मेर तक पानी पहुंचाया.

लाखों लोग देखेंगे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

मोदी ने कहा, ‘आप भलीभांति जानते हैं कि मुझे छोटा काम भाता नहीं है. न मैं छोटा सोचता हूं और न छोटा काम करता हूं. मैंने सरदार साहब का स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाने का फैसला लिया. तो तय किया कि स्टैच्यू सबसे ऊंचा होगा. अमेरिका के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी. लाखों लोग सरदार पटेल की प्रतिमा देखने आएंगे.’

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि देश को आजाद कराने में सिर्फ मुट्ठी भर लोगों ने योगदान दिया. कुछ लोगों ने बाकियों को भुला दिया. आदिवासियों का बलिदान भूलना नहीं चाहिए. हमारे आदिवासी भाइयों ने मां भारती के लिए बलिदान देने में कभी संकोच नहीं किया.

हिंदुस्तान के पास दिखाने को बहुत कुछ

मोदी ने कहा कि हम सिर्फ ताजमहल दुनिया को दिखाते रहते हैं. हिंदुस्तान के पास दिखाने के लिए बहुत कुछ है. ये सरदार सरोवर डैम, सरदार साहब का स्टैच्यू बहुत कुछ है. सरदार सरोवर डैम पर खेलों के आयोजन से टूरिज्म बढ़ेगा. हिंदुस्तान के पास बहुत कुछ है, दुनिया को दिखाने के लिए.

सरदार सरोवर बांध के गेट खुलते ही डूब जाएंगे 200 से ज्यादा गांव

अपने संबोधन के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारतीय वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह को नमन किया. उन्होंने कहा कि मार्शल अर्जन सिंह 1965 के युद्ध के हीरो थे. अनुशासन उनके खून में था.

मेधा पाटकर जल सत्याग्रह पर

एक तरफ जहाँ प्रधानमंत्री गुजरात में बाँध का उद्घाटन कर रहे थे तो दूसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर मध्य प्रदेश के बड़वानी में जल सत्याग्रह कर रही हैं. सरदार सरोवर का जलस्तर बढ़ाने से मध्य प्रदेश की नर्मदा घाटी स्थित धार, बड़वानी, सहित अन्य इलाकों के 192 गांव और एक नगर का डूब में आना तय माना जा रहा है. धीरे-धीरे जल स्तर बढ़ रहा है और कई गांवों में पानी भी भरने लगा है. इसके बावजूद प्रभावित गांव के लोगों ने अब तक घर नहीं छोड़े हैं.

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Author: Akash Trivedi

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