भारत बना ऑस्ट्रेलिया ग्रुप का सदस्य, एनएसजी में और मजबूत हुई दावेदारी

ऑस्ट्रेलिया ग्रुप का सदस्य भारत बन गया है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रसन्‍नता जाहिर करते हुए शनिवार को ट्वीट कर ऑस्‍ट्रेलिया को धन्‍यवाद कहा है। ऑस्‍ट्रेलिया ग्रुप केमिकल और बायलॉजिकल एजेंट्स के निर्यात पर अपने नियंत्रण के जरिए सुनिश्चित करता है कि इससे रासायनिक या जैविक हथियार न बन सके।

भारत की बढ़ी है ताकत, दुनिया चाहती है सीधे संवाद करना: पीएम मोदी

ऑस्ट्रेलिया ग्रुप का सदस्य


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पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, पिछले दो वर्षों में एमटीसीआर, वासेनार व एजी ग्रुप में मिली भारत की सदस्‍यता से एनएसजी में देश की दावेदारी को मजबूती तो मिलती ही है साथ ही वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी यह दर्शाता है।

उम्मीद की जा रही है कि इस उपलब्धि से अप्रसार में भारत की दुनिया में हैसियत बढ़ेगी। इसके साथ ही न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) में सदस्यता के लिए भी भारत की दावेदारी मजबूत होगी।

ऑस्ट्रेलिया ग्रुप ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘19 जनवरी 2018 को भारत औपचारिक रूप से ऑस्ट्रेलिया ग्रुप (एजी) का सदस्य बन गया है। यह देशों का सहकारी और स्वैच्छिक समूह है जो उन सामग्रियों, उपकरणों और प्रौद्योगिकियों के प्रसार को रोकने के लिए काम कर रहा है जो देशों या आतंकी संगठनों की ओर से रासायनिक और जैविक हथियारों के विकास या अधिग्रहण में योगदान दे सकता है।’

मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजिम (एमटीसीआर) और वासेनार अरेंजमेंट (डब्ल्यूए) के बाद चार प्रमुख निर्यात नियंत्रण व्यवस्था में से एक एजी की सदस्यता मिलने से 48 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की दावेदारी मजबूत होगी।

बता दें, एनएसजी में भारत की सदस्यता की राह में चीन बाधा पैदा कर रहा है। चीन एमटीसीआर, डब्ल्यूए और एजी का सदस्य नहीं है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एजी ने आम राय के जरिए लिए गए फैसले में भारत को ग्रुप के 43वें भागीदार के तौर पर शामिल किया। एजी में भारत के प्रवेश पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि यह ‘परस्पर लाभदायक होगा और अप्रसार के मकसद में मदद करेगा।’ उन्‍होंने कहा कि एजी की सदस्यता से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एवं अप्रसार उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि भारत की सदस्यता के लिए अपना समर्थन देने वाले एजी के सभी भागीदारों को भारत शुक्रिया अदा करता है। ग्रुप में भारत को शामिल कराने में भूमिका निभाने के लिए हम ऑस्ट्रेलिया ग्रुप की पूर्व अध्यक्ष और ऑस्ट्रेलिया की राजदूत जेन हार्डी का शुक्रिया अदा करना चाहेंगे।

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Author: Ashutosh Mishra

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