पूर्वाचल में कुटीर उद्योग से होगा रोजगार का सृजन

वाराणसी : राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए एशियन डेवलपमेंट बैंक ने प्रदेश के समेकित विकास को गति देने के लिए सूबे में छह जोन चिह्नित किये हैं। इसमें पूर्वी जोन के तहत बनारस पर खास फोकस किया जाना है। इस दिशा में कई तैयारी भी चल रही है। लघु व कुटीर उद्योग के माध्यम से रोजगार के अवसर बेहतर तरीके से दिलाने की योजना बन रही है। इस दिशा में तीन दिन तक उद्योग विभाग की ओर से सर्व भी हुआ। उद्यमियों की समस्याओं के निदान के लिए मंगलवार कमिश्नर के साथ उद्यमी संगम का आयोजन किया जा रहा है।

प्रदेश के 19 जिलों में फैले छह जोन में रोजगार सृजन की दृष्टि से 11 सेक्टर चुने गए हैं। इन छह जोन में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए एडीबी ने 1.5 लाख करोड़ रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट प्लान बनाया है। बुनियादी सुविधाओं पर जोर देकर सुधार करते हुए उद्यम को बेहतर किया जा रहा है। वाराणसी में हस्तशिल्प से संबंधित कई कारोबार संचालित हो रहे है। कई को जीआइ टैग भी मिल चुका है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हस्तशिल्प को बेहतर करने पर जोर ज्यादा है। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उप्र अग्रणी स्थान रखता है लेकिन असंगठित क्षेत्र होने के कारण कुल दुग्ध उत्पादन का 30 फीसद ही प्रसंस्कृत हो पाता है। इसलिए दुग्ध प्रसंस्करण पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।

सरकार की ओर से लगातार उद्योग के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने के लिए योजना बन रही है। इस दिशा में विभाग की ओर तीन का सर्वे कार्य शुक्त्रवार को ही पूरा है। हस्तशिल्प को विकसित करने और रोजगारपरक बनाने के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है। उद्यमियों के लिए विभिन्न विभागों से साथ समन्वय बैठक मंगलवार को किया जाएगा।


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– उमेश सिंह, संयुक्त आयुक्त उद्योग, वाराणसी व मीरजापुर मंडल

उद्योग एक नजर में

रामनगर औद्योगिक क्षेत्र – 350

चादपुर औद्योगिक आस्थान – 125

करखियाव एग्रो इंडस्ट्रीज – 40

हस्तशिल्प का कारोबार

बनारसी साड़ी, सिल्क-जरी, लकड़ी खिलौने, गुलाबी मीनाकारी, कालीन, जरी-जरदोजी, बीड्स, मेटल वर्क, वुड कार्विंग आदि प्रमुख हैं।

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Author: Web_Wing

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