पुष्पा सकलानी हत्याकांड: सीबीआई की कार्रवाई पर दस सप्ताह तक लगी रोक

पुष्पा सकलानी हत्याकांड

देहरादून: देहरादून के बहुचर्चित पुष्पा सकलानी हत्याकांड मामले में नैनीताल हाईकोर्ट की विशेष जज ने सीबीआई की सुनवाई की कार्रवाई पर दस सप्ताह तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही सीबीआई को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिये हैं जबकि चार सप्ताह याचिकाकर्ता को सीबीआई के जवाब के बदले प्रति उत्तर देने के लिए दिये गए हैं।

सीबीआई कर रही थी इस हत्याकांड की जांच

ज्ञात हो कि दून के अधिवक्ता ओपी सकलानी ने अपनी पत्नी पुष्पा सकलानी हत्या मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर इस मामले में सीबीआई ने जांच शुरू की। इस बीच याचिकाकर्ता ने सीबीआई के दून में तैनात अफसरों की जांच पर विश्वास न किये जाने का उल्लेख करते हुए सीबीआई दिल्ली के अफसरों की एसआईटी गठित कर जांच की मांग की है। इसके साथ ही दून सीबीआई के विशेष जज के विचारण पर रोक लगाने की मांग की है।

बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकल पीठ ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद सीबीआई का जवाब तलब किया है और विशेष जज सीबीआई की अदालत में चल रही सुनवाई पर दस सप्ताह तक रोक लगा दी है।

क्या था मामला-

गौरतलब है कि 16 अक्टूबर 2012 को देहरादून बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओपी सकलानी की पत्नी पुष्पा सकलानी की हत्यारों ने घर में घुसकर हत्या कर दी थी। पांच दिन बाद 21 अक्टूबर को पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने के आरोप में बसंत और विक्की को गिरफ्तार किया। बसंत, सकलानी परिवार का पुराना परिचित था जो घर में बिजली के काम करने के लिए अक्सर आता-जाता रहता था। रिमांड के दौरान दोनों ने अपने अन्य साथियों के नाम भी पुलिस का बताए। उसके बाद पुलिस ने सन्नी और कलीम को भी गिरफ्तार किया।



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