पीएम मोदी लाएंगे भारत का गिफ्ट, दुनिया के 150 देशों के बीच मिलेगा सबसे बड़ा सम्मान

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे करिश्‍माई नेता हैं, जिनकी वैश्विक विकास की सोच स्पष्‍ट है। उनके नेतृत्व में भारत का अदभुत विकास हो रहा है। यह विश्‍वास दुनिया के सबसे अमीर और विकसित देशों में एक संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई का है। इसी वजह से फरवरी, 2018 में दुबई में वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में भारत को गेस्ट ऑफर ऑनर सम्मान दिया जा सकता है। भारत को यह सम्मान दुनिया के उन 150 ऐसे देशों के बीच दिया जाएगा, जो खुद को वि‍कसित करने के नजरिए से आगे बढ़ रहे हैं।

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भारत-यूएई मिलकर करेंगे काम

यूएई के मिनिस्टर मोहम्मद अल गरगवी की इकोनॉमिक टाइम्स से खास बातचीत के बाद यह खुलासे किए गए हैं। इसके मुताबिक, भारत को वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के अगले सत्र में विशिष्‍ट अतिथि के तौर पर बुलाया जाएगा। यहां भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबु धाबी के प्रिंस मोहम्मद बिन जाएद बिन सुल्तान अल-नाहयान के बीच रणनीति साझेदारी को नए आयाम भी दिए जा सकते हैं। इसके मुताबिक भारत और यूएई एक-दूसरे के आर्थिक विकास में मदद करेंगे। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ भी लड़ेंगे।


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वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट

पीएम मोदी की तारीफ

इस बारे में यूएई के मिनिस्टर मोहम्मद अल गरगवी का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी करिश्‍माई नेता हैं और बदलती दुनिया को समझते हैं। उन्होंने बताया कि यूएई को भारत में भविष्‍य दिखता है। अगले दो दशकों में भारत सबसे तेजी से विकास करने वाला देश बनेगा। उसमें इसकी क्षमता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की आतंकवाद और विकास पर एक राय है, इसलिए हमें मिलकर काम करने में कोई दिक्कत नहीं आने वाली है।

पांच हजार साल पुराने रिश्‍ते

मिनिस्टर मोहम्मद अल गरगवी ने कहा कि सिंधु सभ्‍यता और पश्चिम एशिया के बीच 5000 साल पुराने सम्बन्ध हैं। हड़प्पा और पश्चिम एशिया की सभ्‍यता के बीच 42 चीजों के व्यापारिक रिश्‍ते थे। साफ है कि भारत ही यूएई का प्राकृतिक भागीदार है। आज भी दोनों देशों में गहरे सम्बन्ध हैं। इसका सबूत दोनों देशों के बीच 60 बिलियन डॉलर का सालाना कारोबार है, जो साल 2020 तक 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

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मोदी और प्रिंस की दोस्ती

भारत और यूएई के बीच गहराते रिश्‍ते पीएम नरेंद्र मोदी और अबु धाबी के प्रिंस की कोशिशों का नतीजा है। पीएम ने अपने तीन साल के कार्यकाल में दो बार यूएई का दौरा किया, जबकि अबु धाबी के प्रिंस को साल 2017 के गणतंत्र दिवस पर मुख्‍य अतिथि के तौर पर भारत आए थे।

क्या है वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट

वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट ऐसा मंच है, जहां विभिन्न देशों के शीर्ष नेता पहुंचते हैं और विकास की बात करते हैं। समिट में शीर्ष नेताओं के अलावा यूनाइटेड नेशन, वर्ल्ड बैंक, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड और ऑगनाइजेशन ऑफ इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एण्‍ड डेवलपमेंट जैसी अंतरराष्‍ट्रीय संस्थाओं के प्रमुख भी शामिल होते हैं। यहां टेक्नोलॉजी से लेकर विकास से जुड़े नए विचारों पर बातचीत होती है। इस वजह से यहां आने वाले वैश्विक नेता अपने देश के भविष्‍य से जुड़े रोडमैप को तैयार करके आते हैं।

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Author: Vatsaly

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