नाभा जेल ब्रेक केस: …तो बेदाग़ निकल कर आएंगे अमिताभ यश!

नाभा जेल ब्रेक मामले के गुनाहगार को छोड़ने के आरोप से घिरे आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने अपनी सफाई पेश की है. इस मामले में उनके बेदाग़ निकलकर आने की उम्मीद है. उन पर जेल ब्रेक के आरोपी को कथित तौर पर घूस लेकर छोड़ देने का आरोप लगा था. यह आरोपी जेल ब्रेक का मास्टरमाइंड गुरप्रीमत सिंह ऊर्फ गोपी घनश्याम पुरा था. पंजाब की एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उसे 45 लाख रुपये से अधिक की घूस लेकर छोड़ दिया गया था. योगी सरकार ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित की है सीनियर आईपीएस अमिताभ यश को तलब भी किया था.

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इस मामले में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह ने कहा था कि आईजी के रिश्वत मामले की जांच एडीजी (कानून-व्यवस्था) अरविन्द कुमार को सौंपी गई है. उन्होंने कहा था कि आईजी को पद से नहीं हटाया जायेगा. ऐसा हो सकता है कि स्पेशल फोर्स को डिरेल करने के लिए ये घटना सामने आई हो.


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इस मामले में अमिताभ यश ने भी सफाई पेश करते हुए कहा है कि यह एसटीएफ को बदनाम करने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि यूपी एसटीएफ ने नाभा जेल ब्रेक के किसी आरोपी को गिरफ्तार ही नहीं किया, तो छोड़ने की बात कैसे सच हो सकती है. यह आरोप पंजाब में छपी एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर लगाए जा रहे हैं. लेकिन इसमें दम नहीं है. उन्होंने कहा कि एसटीएफ इतनी हल्की ऑर्गेनाइजेशन नहीं है। इसे हमारे बहादुर जवानों ने अपने खून और पसीने से सींचा है। एसटीफ को पूरे भारत में एक मॉडल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। पूरे यूपी और समस्त भारत में क्राइम कंट्रोल करने में एसटीफ का अहम योगदान रहा है।

यह है मामला

पिछले साल दर्जन भर से अधिक हथियारबंद लोगों ने पंजाब के नाभा जेल पर हमला कर छह खूंखार कैदियों को भगा ले गए थे, जिसमें आतंकी भी शामिल थे. इस मामले में 25 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आईजी एसटीएफ अमिताभ यश पर आरोप था कि नाभा जेल ब्रेक के मुख्य आरोपी गोपी घनश्याम पूरा को पिछले हफ्ते लखनऊ में ही गिरफ्तार किया गया था. घनश्याम की गिरफ्तारी की खबर हरजिंदर सिंह भुल्लर उर्फ विक्की ने अपने फ़ेसबुक पेज पर पोस्ट शेयर की. हरजिंदर उन 6 आरोपियों में से है जो नाभा जेल से फरार हुए थे.

हरजिंदर की पोस्ट देखने के बाद पंजाब पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अफसरों से जानकारी ली, तो अधिकारियों ने गिरफ्तारी की जानकारी से इनकार किया. पंजाब पुलिस के मुताबिक गोपी की आखिरी लोकेशन शाहजहांपुर थी. और फिर पंजाब पुलिस को जानकारी हुई कि उत्तर प्रदेश की स्पेशल फोर्स के आईजी ने गोपी को गिरफ्तार करने के बाद 45 लाख लेकर उसे फरार करा दिया.

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पंजाब में छपी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पैसा लखीमपुर से आया, जिसका इंतज़ाम पंजाब के शराब कारोबारी ने किया. आईजी का नाम सामने आने के बाद पंजाब पुलिस और आईबी ने जानकारी यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दी. इस डील में सुल्तानपुर के कांग्रेस नेता, पीलीभीत के हरजिंदर कहलो, और अमनदीप का नाम सामने आया है. 15 सितंबर को एटीएस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया. शराब कारोबारी और अमनदीप की कॉल रेकॉर्डिंग भी एटीएस के हाथ लगी थी. रिकॉर्डिंग में दोनों आईजी स्तर के अधिकारी को पैसे देने की बात कर रहे थे. इस पूरे मामले की जांच जारी है.

अमिताभ यश की सफाई

साभार: eenaduindia

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Author: Akash Trivedi

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