नहीं थम रही कासगंज में हिंसा, धारा 144 के बावजूद आगजनी-तोड़फोड़

उत्तर प्रदेश के कासगंज में कल दो गुटों में हुई झड़प के बाद अब भी तनाव बना हुआ है. पूरे शहर में कल से धारा 144 लागू है, लेकिन हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. कर्फ्यू लगाने और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद योगी की पुलिस उपद्रवियों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है. इस बीच इलाके के आईजी का अजीब बयान आया है. संजीव गुप्ता से दोबारा हिंसा भड़कने के बारे में पूछा तो उनका जबाव था कि ये अराजक तत्व हैं, अराजक तत्व मजा लेने के लिए इस तरह का कार्य कर रहे हैं.

कासगंज

उपद्रवियों ने की आगजनी

वहीं, मृतक चंदन यादव की अंत्येष्टि के बाद दूसरे दिन उपद्रवियों ने कहर बरपाते हुए कई दुकानों में लूट पाट कर आग के हवाले कर दिया है. साथ ही बसों में भी आग लगाई गई है. मौके पर प्रशासनिक आला अधिकारी मौजूद हैं. पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा है.


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शनिवार की सुबह कर्फ्यू में ढील देने की बात से इनकार करते हुए संजीव गुप्ता ने कहा कि जो भी हिंसा फैलाता मौके पर मिलेगा उसके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई होगी.

हालांकि वह यह भी कह गए कि अगर कोई खाली स्थान देखकर छोटी गुमटी में आग लगा देता है तो उसके लिए क्या किया जा सकता है.गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा के दौरान भड़की थी हिंसा

हिंसा की शुरुआत शुक्रवार को गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा के दौरान हुई थी, जब दो गुट आपस में भिड़ गए थे. भारी सुरक्षा बल की तैनाती के बीच रातभर भारी तो शांति रही, लेकिन शनिवार की सुबह उपद्रवियों ने एकबार फिर तोड़-फोड़ और आगजनी की और दुकानों में लूटपाट की. इस हिंसक झड़प में एक शख्स की मौत हो गई.

मृतक को शहीद का दर्जा देने की मांग

बवाल में मारे गए 16 वर्षीय चंदन गुप्ता के घर मातम पसरा हुआ है. मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. पोस्टमार्टम के बाद शव को तिरंगे में लपेटकर उसके घर लाय़ा गया. इलाके के लोग चंदन गुप्ता को शहीद का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं.

डीजीपी को डकैतों ने दी चुनौती, मलिहाबाद में फिर पड़ी डकैती, इंस्पेक्टर सस्पेंड

मृतक के घरवालों ने साथ ही उसका अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है. अब इलाके में इस मौत को लेकर भी सियासत शुरू हो चुकी है. इलाके के कई नेता मृतक के घर पहुंच चुके हैं.

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Author: Akash Trivedi

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