डोकलाम के हीरो ने संभाला विदेश सचिव का पदभार, चीन में रह चुके हैं भारत के राजदूत

चीन के साथ डोकलाम गतिरोध को हल कराने में अहम भूमिका निभाने वाले अनुभवी राजनयिक विजय केशव गोखले विदेश सचिव बने हैं और सोमवार को उन्होंने पदभार संभाल लिया है. उन्होंने एस जयशंकर का स्थान लिया है. जयशंकर की नियुक्ति जनवरी 2015 में हुई थी. साल 2017 में उन्हें एक साल का एक्सटेंशन दिया गया था. भारतीय विदेश सेवा के 1981 बैच के अधिकारी गोखले फिलहाल विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) हैं. विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गोखले ने पदभार संभाल लिया है. कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमिटी ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गोखले के नाम को मंजूरी दी थी.

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गोखले विदेश सचिव बने


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चीन मामलों के विशेषज्ञ हैं गोखले

गोखले को चीन का विशेषज्ञ माना जाता है. उन्होंने पिछले साल भारत और चीनी सेनाओं के बीच डोकलाम में 73 दिन लंबे गतिरोध को हल कराने के लिए बातचीत में अहम भूमिका निभाई थी.

वह 20 जनवरी 2016 से 21 अक्टूबर 2017 तक चीन में भारत के राजदूत थे. इसके बाद वह नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के मुख्यालय आ गए. विजय गोखले का बतौर विदेश सचिव का कार्यकाल दो साल का होगा.

चीन में रह चुके हैं भारत के राजदूत

गोखले चीन में भारत के राजदूत भी रह चुके हैं. वे इस पद पर 20 जनवरी 2016 से अक्टूबर 2017 बने रहे. गोखले 2013 से 2016 के बीच जर्मनी में उच्च राजनयिकों के तौर पर काम कर चुके हैं. वे विदेश मंत्रालय में डायरेक्टर (चीन और ईस्ट एशिया) और जॉइंट सेक्रटरी (ईस्ट एशिया) के तौर पर भी काम कर चुके हैं.

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Author: Ashutosh Mishra

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