डेथ क्लेम के पैसे चुकाने में देरी पर अब बीमा कंपनियां होंगी परेशान

नई दिल्ली. भारतीय बीमा विनि‍यामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) ने प्रोटेक्‍शन ऑफ पॉलिसी होल्‍डर्स इंटरेस्‍ट रेग्‍युलेशंस एक्ट 2017 में नया प्रावधान किया है. इस के अंतर्गत सभी बीमा कंपनियों को डेथ क्लेम के जांच की प्रक्रिया 90 दिनों के अन्दर पूरी करनी होगी. इसके बाद 30 दिन के अन्दर डेथ क्लेम का भुगतान भी करना होगा. नए प्रावधान से बीमा कंपनिया जांच के नाम पर देरी नहीं कर पाएंगी.

डेथ क्लेम

सीमित समय में करनी होगी जांच


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आईआरडीए ने सभी बीमा कंपनियों को आदेश दिया है कि अगर डेथ क्लेम में जांच की जरूरत होती है, तो क्लेम के 90 दिनों के अन्दर यह प्रक्रिया को पूरी करें और अगले 30 दिनों में क्लेम निपटाएं.

15 दिन में मांगें जरूरी डाक्‍युमेंट

प्रावधान में यह भी कहा गया है कि बीमा कंपनी को जांच के लिए अन्य जरूरी कागजात चाहिए या कोई पूछताछ करनी है, तो इसे 15 दिनों के अन्दर पूरा करें. कंपनी बार-बार न कोई कागजात मांग सकती है, न पूछताछ कर सकती है.

बीमा कंपनी को यह भी कहा गया है कि सभी दस्तावेज एवं क्लेरिफिकेशन के बाद 30 दिन में क्लेम भुगतान करें  या रिजेक्ट करें. यदि क्लेम रिजेक्ट कर रहे हैं, तो उसका सही कारण बताना होगा.

सीमित समय में भुगतान नहीं तो इंटरेस्ट

बीमा कंपनी सीमित समय में भुगतान नहीं कर पाई या उसने जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो उसे आखिरी कागजात मिलने की तारीख से और बैंक रेट से 2% ज्यादा की दर से क्लेम पर ब्याज देना पड़ेगा.

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Author: Vatsaly

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