मोरबीः गुजरात विधानसभा के नवनियुक्त प्रोटेम स्पीकर और अनुभवी भारतीय जनता पार्टी की विधायक निंबेन आचार्य और दो अन्य को सोमवार को 2009 के चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन मामले में एक साल जेल की सजा सुनाई गई है. मोरबी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पूर्व विधायक और एक अन्य व्यक्ति समेत सभी को सजा सुनाते हुए 30 दिनों के अंदर आदेश को चुनौती देने का अवसर दिया है.

कच्छ जिले के भुज से विधायक आचार्य, पूर्व बीजेपी विधायक कांति अमरुतिया और पाटीदार अनामत आंदोलन के संयोजक मनोज पानारा पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. यह मामला सौराष्ट्र के मोरबी संसदीय क्षेत्र में 2009 के लोकसभा चुनाव से संबंधित है, जहां निंबेन, अमरुतिया और पानारा चुनाव प्रचार कर रहे थे. अमरुतिया मोरबी के पूर्व विधायक हैं.

गौरतलब है कि भुज से बीजेपी विधायक डॉ नीमाबेन आचार्य को गुजरात राज्य विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया था. राज्यपाल ओ. पी. कोहली ने एक अधिसूचना जारी कर राज्य विधानसभा के अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने तक 70 वर्षीय आचार्य की इस पद पर नियुक्ति की थी. पेशे से डॉक्टर डॉ आचार्य का जन्म 12 दिसम्बर 1947 को सुरेन्द्रनगर जिले में हुआ था. वे पांचवीं बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुईं हैं. परंपरा यह है कि सदन के वयोवृद्ध सदस्य को विधायक को प्रोटैम स्पीकर के रूप में नियुक्त किया जाता है.


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