कोर्ट ने बच्चा पैदा करने के लिए कैदी को दी छुट्टी

कोर्ट ने परिवार बढ़ाने के लिए कैदी को बच्चा पैदा करने की छुट्टी दे दी. आपको ये सुनकर भले ही अचम्भा लगे, लेकिन ये हकीकत है. मद्रास उच्च न्यायालय ने तिरुनलवेली जिले के केन्द्रीय कारागार में उम्रकैद की सजा काटने वाले व्यक्ति को ऐसी ही छुट्टी दी है. कोर्ट ने इसे दो सप्ताह की छुट्टी सिर्फ इस बात के लिए दी है कि वह घर जाकर बच्चा पैदा करके अपना परिवार बढ़ा सके. इस कैदी की याचिका न्यायमूर्ति एस विमला देवी और न्यायमूर्ति टी कृष्ण वल्ली की खंडपीठ ने मंजूर की है.

30 जून की आधी रात जो बच्चा पैदा हुआ, उसका नाम जीएसटी नहीं

कैदी को बच्चा पैदा करने की छुट्टी


हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!


पलयमकोट्टई केन्द्रीय कारागार के 40 वर्षीय कैदी सिद्दीकी अली की 32 वर्षीय पत्नी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर अदालत ने कैदी को दो सप्ताह के लिए छुट्टी दे दी है. पीठ ने इस याचिका को मंजूर करते हुए कहा कि अब वक़्त आ गया है जब सरकार को समिति का गठन करके कैदियों को साथी के साथ रहने और सम्बन्ध बनाने की मंजूरी देने पर विचार करना चाहिए.

दुनिया के कई देशों में कैदियों को इस तरह का अधिकार दिया गया है. इस मामले में केंद्र ने पहले ही एक प्रस्ताव को मंजूरी दे रखी है कि संबंध स्थापित करना एक अधिकार है. ये कैदियों को भी अपनी इच्छा पूरी करने का अधिकार देता है. कुछ देशों में कैदियों के संसर्ग अधिकार को मान्यता मिली हुई है.

पीठ ने इस कैदी के हक में निर्णय देते हुए कहा कि संसर्ग से परिवार के रिश्ते कायम रखने में हेल्प मिलती है. इससे आपराधिक प्रवृत्ति कम होने के साथ सुधरने में भी मदद मिलती है. अदालात ने मौजूदा मामले में याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि प्राथमिकी जांच में पता चला कि कैदी अपना परिवार बढ़ा सकता है.

अदालत ने इस संबंध में जेल अधिकारियों को प्रक्रिया पालन करने और कैदी को जेल; से बाहर रहने पर सुरक्षा दिए जाने का निर्देश सुनाया है. इस फैसले को अब तक सबसे अलग फैसला बताया जा रहा है. इसके अलावा अदालत ने ये भी कहा है कि रिहा होने के बाद चिकित्सकीय जांच के लिए उसकी दो सप्ताह की अतिरिक्त छुट्टी पर भी विचार किया जा सकता है.

ये भी देखें:

loading...

Author: Ashutosh Mishra

Share This Post On
X