कासगंज के बाद वीएचपी-बजरंगदल की आगरा में तिरंगा यात्रा शुरू, प्रशासन के खड़े हुए कान

उत्तर प्रदेश के कासगंज में गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के दौरान हुए बवाल ने राजनीतिक रूप ले लिया है. विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल आगरा में तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं. तिरंगा यात्रा शुरू हो चुकी है, ये शहर में 40 अलग-अलग स्थानों पर निकाली जा रही है. तिरंगा यात्रा के समापन के बाद जिला मुख्यालय में ज्ञापन सौंपा जाएगा.

आगरा में तिरंगा यात्रा

तिरंगा यात्रा में हिस्सा ले रहे अर्जुन प्रखंड के सह-संयोजक अभिषेक शर्मा ने कहा है कि चंदन को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए तिरंगा यात्रा को निकाला जा रहा है. हर गली-मोहल्ले से यात्रा को निकाला जाएगा. इस यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. आगरा के अलावा फिरोजाबाद में भी तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी है.

तिरंगा यात्रा आगरा के नामेर चौराहे से शुरू होकर जिला अस्पताल तक जाएगी. जिसके बाद दीवानी चौराहे पर जाएगी, जहां पर भारत माता की प्रतिमा मौजूद है.

आगरा में तिरंगा यात्रा

आपको बता दें कि 26 जनवरी को कासगंज में हुई हिंसा के बीच चंदन गुप्ता नामक युवा की गोली लगने से मौत हो गई थी. जिसके बाद प्रदेश के कई शहरों में तिरंगा यात्रा निकाली जा चुकी है. मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में भी ABVP के कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च और तिरंगा यात्रा निकाली थी.

गौरतलब है कि कासगंज हिंसा के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. कासगंज हिंसा के आरोपियों की संपत्ति की कुर्की करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. मंगलवार को मामले में फरार चल रहे तीन मुख्य अभियुक्तों समेत 12 आरोपियों के घर पर संपत्ति की कुर्की का नोटिस चस्पा दिया गया. हिंसा के बाद करीब 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

आगरा में तिरंगा यात्रा

मंगलवार को कासगंज में स्‍थ‍िति पहले के मुकाबले थोड़ी ठीक हुई और यहां कई दिनों से बाधित इंटरनेट सेवा को भी बहाल किया गया है. इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया. बुधवार को कासंगज में कुछ स्कूल-कॉलेज भी खुल गए हैं.

बता दें, कासगंज में रह रहकर हिंसा को भड़काने की कोशिश की जा रही है. इसी कड़ी में सोमवार की रात को मालगोदाम रोड पर एक दुकान में आग लगा दी गई. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी उत्तर प्रदेश सरकार से कासगंज में हुई हिंसा को लेकर रिपोर्ट मांगी है. गृह मंत्रालय की ओर से मांगी गई रिपोर्ट में पूछा गया है कि इस हिंसा के फैलने की क्या वजह थी और इसे समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका. कासगंज में हुई हिंसा के बाद यूपी सरकार ने वहां के एसपी सुनील सिंह को हटा दिया था. उनकी जगह पीयूष कुमार श्रीवास्तव को कासगंज का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है.

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Author: Ashutosh Mishra

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