उत्तराखंड में नहीं होती है फूलों की खेती, सजावट के लिए दूसरे राज्यों से मंगवाए जाते हैं फूल

देहरादूनः देवभूमि उत्तराखंड चारधाम की यात्रा के लिए जाना जाता है। इन चारों धामों में प्रतिदिन क्विंटल के हिसाब से फूल भगवान को अर्पित किेए जाते हैं लेकिन दुर्भाग्य की बात तो यह है कि इन फूलों को दूसरे राज्यों से मंगवाया जाता है। 

जानकारी के अनुसार, राज्य पूरी तरह से पर्यटन और कृषि पर निर्भर है। इसके बावजूद भी राज्य में फूलों की जरुरत को दूसरे राज्यों से मंगवाकर पूरा किया जाता है। बद्रीनाथ धाम को प्रतिदिन 20 क्विंटल फूलों से सजाया जाता है। इन फूलों को दिल्ली से मंगवाया जाता है। इसके साथ ही अन्य धामों में भी प्रतिदिन क्विंटल के हिसाब से फूलों का प्रयोग किया जाता है। राज्य में फूलों की इतनी अधिक मांग होने के बावजूद भी फूलों की खेती पर उद्यान विभाग का रवैया उदासीन है। वहीं फूलों की इतनी अधिक मांग को देखते हुए विभागीय मंत्री सुबोध उनियाल ने राज्य में फूलों की खेती किए जाने की बात कही है।

सुबोध उनियाल से यह बात पूछने पर कि भविष्य में बद्रीनाथ धाम में स्थानीय फूलों से सजावट हो पाएगी तो इस पर उन्होंने कहा कि यह तो भगवान के भरोसे ही है। बता दें कि उद्यान विभाग के द्वारा पिछले कई सालों से फूलों की खेती के लिए बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन आज तक भी इस पर कोई काम नहीं किया गया है। 


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Author: Desk

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