उत्तराखंड में किडनी रैकेट का भंडाफोड़, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहा था खरीद फरोख्त का धंधा

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में चल रहे एक बड़े किडनी रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। रानीपुर कोतवाली पुलिस ने लाल तप्पड क्षेत्र में स्थित एक चैरिटेबल अस्पताल में गुर्दे की अवैध बिक्री करने वाले किडनी रैकेट के भंडाफोड का दावा किया और बताया कि इस मामले में संलिप्त एक दलाल को गिरफ्तार किया।

बताया जा रहा है कि गंगोत्री डेंटल कॉलेज में चल रहे इस रैकेट में लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी किडनी निकाल लिया करता थे। इस रैकेट में एक किडनी साढ़े तीन से चार लाख रुपये में खरीदी जाती थी। कलकत्ता के रहने वाले एक महिला और पुरुष को पुलिस ने वक्त पकड़ा जब उन्हें लाल तप्पड़ से दिल्ली ले जाया जा रहा था।

आज ही जानिये 12 सितम्बर को अपने घर में खुशियों की एंट्री का समय



हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!




इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती कुमार ने बताया कि इस प्रकरण में लाल तप्पड के जंगलों से गिरफ्तार कथित दलाल जावेद मुम्बई का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि कोलकाता निवासी 30 वर्षीय कृष्णा दास और इसी उम्र के शेख ताज अली के एक-एक गुर्दे निकाले जा चुके थे, जबकि कोलकाता की ही 30 वर्षीया सुषमा व गुजरात के रहने वाले भाईजी भाई के गुर्दे अभी निकाले जाने थे।

ये सभी गुर्दा दानदाता आठ और नौ सितम्बर को ही अस्पताल पहुँचे थे। इन सभी को कोलकाता की एक दलाल महिला ने मोबाइल फोन देकर पहले दिल्ली भेजा। दिल्ली में किडनी रैकेट के अज्ञात लोगों से मुलाकात होने के बाद उन्होंने इनके मोबाइल फोन वापस ले लिये और इन्हें लाल तप्पड भेज दिया।

गुजरात में उतारी गई पीएम मोदी की तस्वीर, रोका गया रथ

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब गुर्दे देने के बाद तय रकम न मिलने पर कृष्णा और अली ने अस्पताल में हंगामा कर दिया और इसकी सूचना पास ही स्थित लाल तप्पड पुलिस चौकी तक पहुंच गयी। निवेदिता ने बताया कि पीडितों के बयान के आधार पर कथित दलाल जावेद को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि इस रैकेट में शामिल अस्पताल के चिकित्सक तथा अन्य फरार हो गये जिनकी तलाश की जा रही है।

loading...

Author: Vineet Verma

Share This Post On

Submit a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

X