उत्तराखंड: ‘निशंक’ की चाय पार्टी से दूर रहे CM, ऑल इज नॉट वेल?

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को इन दिनों चाय सूट नहीं कर रही है. जहां पिछले दिनों त्रिवेंद्र सिंह रावत चाय पर हुए 68 लाख के खर्चों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहे. अभी हाल ही में आजीवन सहयोग निधि के तौर पर उत्तराखंड भाजपा ने अपने 25 करोड़ के टारगेट को पूरा किया, जिसमे संगठन के वरिष्ठ नेता रामलाल को बाकायदा 25 करोड़, 11 लाख और 11 हजार का चेक दिया गया.

उसके ठीक बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में हरिद्वार से भाजपा सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के घर पर चाय पार्टी रख सभी भाजपाई विधायकों, पदाधिकारियों और संगठन के ही कई नेताओं के अलावा वरिष्ठ आरएसएस नेता शिवप्रकाश भी उपस्थित रहे. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत यहां नहीं पहुंचे. ऐसे में उनकी गैर-मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है, साथ ही ये संकेत भी देती है कि उत्तराखंड भाजपा में सभी कुछ ठीक नहीं चल रहा है.


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चाय मिलन से त्रिवेंद्र की दूरी आखिर क्यों?

दरअसल, देहरादून में बीते दिन समर्पण दिवस के ठीक बाद पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से सांसद निशंक ने अपने घर चाय पार्टी रखी थी. जिसमें पार्टी के करीब दो दर्जन विधायक, मंत्री यशपाल आर्य, पार्टी के सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश के साथ-साथ दो अन्य पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और विजय बहुगुणा भी शामिल हुए. लेकिन इस चाय-मिलन में सीएम त्रिवेंद्र रावत नहीं दिखाई दिए.

इस बीच मीडिया में ये भी खबरें आई कि निशंक ने अपने घर विधायकों की गोपनीय मीटिंग बुलाई है. हालांकि इस गोपनीय मीटिंग का बाद में सभी को पता चल गया. वहीं पार्टी में शमिल हुए नेताओं ने बताया कि ये मीटिंग 2019 के चुनावों के मद्देनजर रखी गई थी. इस चाय पर जहां एक तरफ तीन पूर्व मुख्यमंत्री शामिल रहे, तो वहीं उसी समय प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और कद्दावर माने जाने वाले मंत्री धन सिंह रावत भी बेहद गंभीर चर्चा के लिए अन्य भाजपा नेताओं के साथ आवास पर मीटिंग करते नजर आए.

हरिद्वार के खानपुर के विधायक कर चुके हैं खुल कर नाराजगी जाहिर –

 गौरतलब है कि पिछले दिनों भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार पर उंगली उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार राजनीतिक दबाव में फैसले ले रही है. चैंपियन ने दिल्ली जाकर पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से त्रिवेंद्र रावत की शिकायत करने की बात भी कही थी. वहीं पार्टी में शामिल हुए नेता भी चैंपियन का समर्थन करते नजर आ रहे हैं.

उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि चैंपियन की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए वो ऐसी बातें कर रहे है. वहीं हरिद्वार एक कार्यक्रम में पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि संतों का आशीर्वाद लेने आए हैं, चैम्पियन को भी मना लेंगे.

कुल-मिलाकर जो बात सामने आ रही है, वो साफ इशारा करती है कि सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. राजनैतिक रूप से एक दूसरे के धुर-विरोधी कोश्यारी और निशंक का गलबइयां करना और 2019 की चुनाव की चर्चा में प्रदेशाध्यक्ष और सीएम का शामिल ना होना मौजूदा सरकार के लिए बड़े संकट की ओर इशारा करता है. अब इस मसले से त्रिवेंद्र कैसे उबरेंगे ये तो वक्त ही बताएगा.

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Author: Gargi Tripathi

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