आख़िरकार पुलिस प्रशासन ने मीडिया के सामने बयां की आनंदपाल एनकाउंटर की दास्तां

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जयपुर। किसी भी बदमाश की ना तो जाति होती है और ना ही कोई धर्म होता है। बदमाश सिर्फ बदमाश होता है, चाहे वह कोई भी हो। असल में उसने कई परिवारों को यातनाएं देकर अकूत सम्पत्ति अर्जित की थी। उसने कई व्यक्तियों को बर्बरता पूर्वक मारा, जिससे उनकी मौत हो गई। यह कहना है प्रदेश पुलिस के तीन एडीजी स्तर के अधिकारियों का।

एडीजी क्राइम पंकज कुमार सिंह, एडीजी कानून-व्यवस्था एनआरके रेड्डी और एडीजी एसओजी-एटीएस उमेश मिश्रा ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेसवार्ता में कहा कि आनंदपाल एनकाउंटर प्रकरण पूरी तरह सही है।

 



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किसी भी व्यक्ति को यहां लाकर उसे ढाई फीट के पिंजरे में बंद कर देते और बारी-बारी से गैंग का हर सदस्य उसके साथ मारपीट करता था। उसके बाद फिरौती की मांग रखी जाती थी। मालासर में हुआ आनंदपाल का एनकाउंटर पूरी तरह सही है।

आनंदपाल प्रकरण में सुप्रीट कोर्ट की गाइड लाइन और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सभी शर्तों की पालना की गई है। गैंगस्टर आनंदपाल का आतंक इस कदर था कि उसने अरबों रुपयों की सम्पत्ति अर्जित की थी। यह सभी सम्पत्ति अवैध तरीकों से इकट्ठा की गई थी।

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पंकज कुमार सिंह (एडीजी क्राइम) ने कहा -एनकाउंटर पूरा सही था

आनंदपाल का एनकाउंटर बिल्कुल सही है। एक खूंखार बदमाश को पुलिस ने अपना बचाव करते हुए मारा है। ईश्वर की कृपा रही कि हमारा कोई जवान बदमाश की गोलियों का शिकार नहीं हुआ। एनकाउंटर हर दिशा और दशा से पूरी तरह सही है।

एनआरके रेड्डी (एडीजी कानून-व्यवस्था) ने कहा- राजकीय सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया

श्रद्धांजलि सभा करने का सभी को कानूनी अधिकार है। लेकिन इस दौरान किया गया हंगामा गैरकानूनी है। राष्ट्रीय और राजकीय सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। यह पूरी तरह गलत है।

एसआईटी की जांच शुरू, 35 लोगों के बयान दर्ज

प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर मामले में गठित की गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने जांच शुरू कर दी है। अभी तक करीब 35 लोगों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। बाकी अन्य की जांच जारी है। इस टीम की कमान आईजी क्राइम हरिप्रसाद शर्मा को सौंपी गई है।

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