आज ही जानिये 25 नवम्बर को अपने घर में खुशियों की एंट्री का समय

हर दिन कुछ कहता है। दिन विशेष के लिए राशियों की भाषा अलग-अलग होती है। आपकी राशि आपके लिए क्या कहती है, आपको इसे जानने की प्रबल इच्छा रहती है। 25 नवम्बर को घर में खुशियों की एंट्री का क्या समय होगा, आइये जानते हैं। इसके अलावा ये भी कि आपकी राशि 25 नवम्बर के बारे में क्या कहती है। इसके अतिरिक्त 25 नवम्बर के दिन का शुभ मुहूर्त भी जानना चाहिए ताकि आप अपने शुभ कार्यों को उस समय में प्राम्भ कर सकें और अपने जीवन को सुखमय बना सकें।

25 नवम्बर
दिन शनिवार
ऋतु-हेमन्त
माह-मार्गशीर्ष
सूर्य-दक्षिणायन
सूर्योदय-06:41
सूर्यास्त-05:19
राहूकाल(अशुभ समय)प्रातः
09:10से 10:30
तिथि-सप्तमी
दिशाशूल-पूर्व
अमृतमुहूर्त–दोपहर02:53से 04:10तक

।।आज का राशिफल।।


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?मेष
आज आप की रुचिअध्यात्म में रहेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। शत्रु परास्त होंगे। प्रमाद न करें। आपके द्वारा लिए गए निर्णय लाभप्रद रहेंगे।
सुझाव:-आज आप सरसों के तेल का यथा शक्ति दान करे।
राशिरत्न:-मूँगा
शुभरंग:-आसमानी

?वृष
आज आप चोट व दुर्घटना से बचें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धन एवं यश मिलने की संभावना रहेगी।
सुझाव:-आज आप सविधि भगवान श्री लक्ष्मी गणेश की पूजा करें।
राशिरत्न:-हीरा,ओपल
शुभरंग:-गुलाबी

?मिथुन
आज आपके प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। प्रेम व प्रसंग में जोखिम न उठाएं। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। प्रमाद न करें।
सुझाव:-आज आप लोहे की कोई वस्तु दान करें।
राशिरत्न:-पन्ना
शुभरंग:-जामुनी

?कर्क
आज आपको संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। रोजगार मिलेगा। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। प्रसन्नता रहेगी। कार्यसिद्धि होगी। नए अवसर प्राप्त होंगे।
सुझाव:-आज आप गुड़ चना बन्दर या गाय को खिलावें।
राशिरत्न:-मोती
शुभरंग:-परपल

70 ट्रांसफर झेले, तीन महीने से नहीं मिली सैलरी, ये है भाजपा सरकार में IAS अफसर का हाल

?सिंह
आज विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। जल्दबाजी न करें। लाभ होगा। नवीन कार्य की योजना के अवसर प्राप्त होंगे।
सुझाव:-आज आप सवा पाव काला तिल शनि मंदिर में दान करे।
राशिरत्न:-माणिक्य
शुभरंग:- लाल

??कन्या
आज आपको मेहनत अधिक, लाभ कम होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। जोखिम न लें। शोक समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। व्यर्थ के विवादों से दूर रहें।
सुझाव:-आज आप काले कुत्ते को सरसों के तेल लगी रोटी खिलावें।
राशिरत्न:-पन्ना
शुभरंग:-सुनहला

⚖तुला
आज आपकी मेहनत रंग लाएगी। रुके कार्य पूर्ण होंगे। मान-सम्मान मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। जल्दबाजी न करें। अधिकारी आपके गुणों की प्रशंसा करेंगे।
सुझाव:-आज आप हींग का दान करें
राशिरत्न:-हीरा,ओपल
शुभरंग:-श्वेत

?वृश्चिक
आज व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अच्छी खबर मिलने से प्रसन्नता रहेगी। थकान रहेगी। विवाद न करें। दांपत्य जीवन के विवादों का समाधान होगा।
सुझाव:-आज आप भगवान शिव को कनेर का श्वेत पुष्प अर्पित करें।
राशिरत्न:-मूँगा
शुभरंग:- बादामी

25 नवम्बर

?धनु
आज आपको परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। आय के नए स्रोत मिलेंगे। जल्दबाजी से काम बिगड़ेंगे। कार्यक्षेत्र में लाभदायी अवसर मिलेंगे।
सुझाव:-आज आप भगवान शिव को भाँग अर्पित करें।
राशिरत्न:-पुखराज
शुभरंग:-हरा

?मकर
आज आपका स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। कार्य बिगड़ेंगे, प्रयास करें। धैर्य रखें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी।
सुझाव:-आज आप भगवान शिव को 7 पत्ते शमी के अर्पित करें।
राशिरत्न:-नीलम
शुभरंग:- पीला

?कुंभ
आज आपको यात्रा सफल मिल सकती है। रुका हुआ धन मिलेगा। शत्रु सक्रिय रहेंगे। विवाद को बढ़ावा न दें। धनार्जन होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायी रहेगा।
सुझाव:-आज आप शमी के 9 पत्तों को भगवान शिव के लिंग ओर अर्पित करें।
राशिरत्न:-नीलम
शुभरंग:-सुनहला

?मीन
आज आर्थिक नीति में परिवर्तन आपके लिए लाभ के अवसर बढ़ाएगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। झंझटों में न पड़ें। विवाद से बचें। आलस्य हावी रहेगा।
सुझाव:-आज समय के 11 पत्तों से भगवान शिव की आराधना करें।
राशिरत्न:-पुखराज
शुभरंग:-नीला

।।आज के दिन का विशेष महत्व।।

1आज मार्गशीर्ष माह शुक्लपक्ष सप्तमी तिथि है।
2आज विष्णुसप्तमी है, सर्वाथसिद्धि योग है।

।।प्रेरणा दाई चौपाई।।
पंच कवल करि जेवन लागे।
गारि गान सुनि अति अनुरागे।

अर्थ:-गोस्वामी तुलसीदास जी श्रीसीताराम विवाह का वर्णन करते हुवे करते कहते है कि पाँच प्राणों के लिए पाँच आहुति पहिले दी जाती है जिसका अर्थ होता है कि प्राण ही भोक्ता है, हम भोक्त नहीं है हम तो दृष्टा है, साक्षी हैं, आत्मा हैं ब्रम्ह हैं और यह खाना पीना तो शरीरमें स्थिर प्राणों के लिए चाहिए, हमको नहीं। इस विशुद्ध भाव से पहिले पाँच आहुति दी जाती है प्रणय स्वाहा,अपानाय स्वाहा, व्यानाय स्वाहा, उदानाय स्वाहा,समानाय स्वाहा ये पाँच आहूति दे कर प्रभू ने भोजन प्रारंभ किया और मिथिलानियों की मीठी मीठी गालियां सुनकर अनुराग से भरगये। ससुराल में गाली इसी लिए दीजाति है कि इस विवाह में किसी की नजर न लगे इसी भाव से मिथिलानियो ने गारी गाया सो प्रभू ने इसे भी अनुराग पूर्वक स्वीकार किया।

।।इति शुभम्।।

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Author: Vineet Verma

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