आज ही जानिये 24 जनवरी को अपने घर में खुशियों की एंट्री का समय

हर दिन कुछ कहता है। दिन विशेष के लिए राशियों की भाषा अलग-अलग होती है। आपकी राशि आपके लिए क्या कहती है, आपको इसे जानने की प्रबल इच्छा रहती है। 24 जनवरी को घर में खुशियों की एंट्री का क्या समय होगा, आइये जानते हैं। इसके अलावा ये भी कि आपकी राशि 24 जनवरी के बारे में क्या कहती है। इसके अतिरिक्त 24 जनवरी के दिन का शुभ मुहूर्त भी जानना चाहिए ताकि आप अपने शुभ कार्यों को उस समय में प्राम्भ कर सकें और अपने जीवन को सुखमय बना सकें।

21 दिसम्बर

जानिया क्या कहते हैं आपके सितारे… जानने के लिए पढ़ें अपना राशिफल

◆ 24 जनवरी 2018 का पंचांग◆

दिन-बुधवार


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ऋतु-शिशिर

माह-माघ

सूर्य-उत्तरायण

सूर्योदय-06:37

सूर्यास्त-05:23

राहूकाल(अशुभसमय)दोपहर12:00 से 01:30 बजे तक

तिथि-सप्तमी

पक्ष-शुक्ल

दिशाशूल-उत्तर व पश्चिम

शुभदिशा-दक्षिण व पूर्व

अमृतमुहूर्त-प्रातः 08:33 से 09:53 तक।

24 जनवरी को राशियों का प्रभाव

? मेष :-

विचारों की अस्थिरता आपको उलझनपूर्ण परिस्थिति में डाल सकती है। नौकरी-व्यवसाय के क्षेत्र में
स्पर्द्धायुक्त वातावरण रहेगा, जिसमें से बाहर आने का प्रयत्न कामयाब साबित होगा अर्थ लाभ सामान्य रहेगा। नए कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे।बौद्धिक तथा लेखन कार्य के लिए अच्छा दिन है। महत्वपूर्ण निर्णय न लेने के लिए आज दिन उत्तम नही है।

सुझाव:- आप हरी दुब भगवान श्री गणेश को अर्पित करें।

राशिरत्न:- मूँगा

शुभरंग:- बादामी

? वृषभ:-

आप विचारों की दृढ़ता के साथ आप सावधानीपूर्वक काम करेंगे। व्यवस्थित रूप से आर्थिक विषयोंपर ध्यान देगें। अपनी कलात्मक सूझ को निखार सकेंगे, वस्त्र, आभूषण, सौंदर्य प्रसाधनों और मनोरंजन के पीछे आपका धन आज खर्च होगा। कौटुंबिक सुख-शांति बनी रहेगी। उत्तम दांपत्य जीवन की अनुभूति करेंगे। धन लाभ आपको मनोनुकूल हो सकेगा।

सुझाव:-आप 3 विल्बपत्र माता दुर्गा को अर्पित करें।

राशिरत्न:-हीरा,ओपल

शुभरंग:-श्वेत

? मिथुन :-

संयमशील और विचारपूर्ण व्यवहार आपको बहुत से अनिष्टों से बचा लेगा। आपके वाणी-व्यवहार से गलतफहमी पैदा हो सकती है। शारीरिक कष्ट, मन को भी अस्वस्थ बना सकते है, परिवार में शान्ति का वातावरण रहेगा। आंख में पीड़ा हो सकती है, खर्च की अधिकता सम्भव है। व्यापार प्रभावित रह सकता है।

सुझाव:-आप हरे रुमाल का दान किसी विप्र को करे।

राशिरत्न:-पन्ना

शुभरंग:-पीला

? कर्क:-

आपका व्यवहार न्यायपूर्ण रहेगा। निर्धारित किए गए कार्य को करने की प्रेरणा मिलेगी। परंतु प्रयास करने पर ऐसा अनुभव होगा कि जितने भी प्रयत्न आप कर रहे हैं वह उल्टी दिशा में जा रहे हैं। स्वास्थ्य भी बिगड़ सकता है। क्रोध की मात्रा भी अधिक रह सकती है व्यावसायिक क्षेत्र में ऊपरी अधिकारीगण के साथ आवश्यक विषयों पर चर्चा से मन व्यग्र रह सकता है।

सुझाव:-आप चन्द्रमाँ को दूध का अर्घ दें ।

राशिरत्न:-मोती

शुभरंग:-महरून

? सिंह:-

आपका दिन धार्मिक और मांगलिक कार्यों में निरत रहेगा। आपका व्यवहार न्यायप्रिय रहेगा। कोई धार्मिक यात्रा कर सकते हैं। आपका स्वास्थ्य साधारण नरम-गरम रह सकता है,। बॉस और दूसरे सीनियर्स के साथ सावधानीपूर्वक बर्ताव करें। शरीर में आलस और थकान महसूस कर सकते है। व्यापर उत्तम रहेगा।

सुझाव:-आप मछलियों को दाना डालें।

राशिरत्न:-माणिक्य

शुभरंग:-केशरिया

?? कन्या:-

प्रातःकाल का समय मित्रों के साथ घूमने-फिरने, खान-पान एवं मनोरंजन में आनंदपूर्वक हो सकता है। भागीदारों के साथ भी आज सम्बंध अच्छे रहेंगे परंतु मध्याह्न के बाद आपको प्रतिकूलता का प्रतिकार करना होगा। स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्या आपको सता सकती है। परंतु साथ-साथ आकस्मिक धनलाभ भी आपकी चिंता को कम कर देगा।व्यापर सामान्य रहेगा।

सुझाव:-आप अपने मन्दिर में माता रानी को बेसन से बने मिष्ठान्न का भोग अर्पित करे।

राशिरत्न:-पन्ना

शुभरंग:-सुनहला

⚖ तुला :-

आपका व्यापर उत्तम रहेगा।लंबी दूरी की यात्रा या धार्मिक स्थान पर जाना सम्भव हो सकता है विदेश यात्रा के लिए आज अनुकूलता रहेगी। फिर भी आपको संतान और स्वास्थ्य के सम्बंध में चिंता रहेगी। नौकरीपेशा वालों को उच्च पदाधिकारियों तथा सहकर्मियों का आज सहयोग नहीं मिलेगा। विरोधियों या प्रतिस्पर्द्धियों के कारण धन का खर्च हो सकता है।

सुझाव:-हरी घास आप गौ माता को खिलावें।

राशिरत्न:-हीरा,ओपल

शुभरंग:-फिरोजी

? वृश्चिक:-

आपका व्यापार मध्यम फल दाई रह सकता है , इसमें मित्रों, कुटुंबीजनों का साथ मिलेगा। सार्वजनिक जीवन में आपकी मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नए वस्त्र परिधान और वाहनसुख की प्राप्ति हो सकती है। दांपत्य जीवन के उत्तम क्षणों का अनुभव करेंगे। प्रिय व्यक्ति की मुलाकात और धनलाभ होने की संभावना बन रही है।

सुझाव:-आप 3 बार श्रीसूक्त का पाठ करें ।

राशिरत्न:-मूँगा

शुभरंग:-धानी

? धनु :-

आपका दिन आर्थिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद अहम हो सकता है। सोचे हुवे कार्य सरलतापूर्वक सफल हो सकते है परोपकार की भावना आज बलवती रहेगी। नौकरी-व्यवसाय में उन्नति और मान-सम्मान प्राप्त होगा। गृहस्थ जीवन में आनंद बरकरार रहेगा।

सुझाव:-आप अंधे व्यक्ति को मीठी खीर खिलावें।

राशिरत्न:-पुखराज

शुभरंग:-जामुनी

? मकर:-

आप व्यापारिक मामलों में कुछ अधिक संवेदनशील रहेंगे । वाहन से सावधान रहें। आपत्तिकर विचार, किसी भी कार्य में शीध्र निर्णय पूर्ण विचार के उपरांत लें। परिवार में वातावरण उत्तमोत्तम रहेगा,सुदूर यात्रा के योग बन सकते है।

सुझाव:-आप नारियल के लड्डू माता रानी को अर्पित करें।

राशिरत्न:-नीलम

शुभरंग:-नीला

⚱ कुंभ:-

व्यापार में कर्ज को लेकर चिंतित रह सकते है । शाम तक सही सुझाव आपके मन पर छाए हुए चिंता के बादल दूर होने से आपका उत्साह बढ़ेगा। भाई-बंधुओं से साथ मिलकर नए कार्यों को हाथ में लेंगे। उनके साथ आनंदपूर्वक समय व्यतीत होगा। मित्रों तथा स्वजनों के साथ की मुलाकात आपके चित्त को प्रसन्न करेंगे। कार्यक्षेत्र में प्रगति दिखेगी।यात्रा के सुखद योग बन रहे हैं।

सुझाव:-आप घड़े का दान किसी मंदिर में करे।

राशिरत्न:-नीलम

शुभरंग:-नीला

? मीन:-

आप धार्मिक गतिविधियों से प्रेरित होकर सकारात्मक व लाभकारी निर्णय ले सकेंगे। किसी योग्य महापुरुष का मार्ग दर्शन आपकी बेचैनी को दूर करेगा। व्यापर सामान्य रहेगा। किन्तु मन मे अजीब सी प्रसन्नता रहसकती है। यात्रा से अनुकूल लाभ मिलेगा।

सुझाव:-आप मीठे ताम्बूल का भोग श्री गणेश जी को लगावें।

राशिरत्न:-पुखराज

शुभरंग:-हरा

।।दिन का विशेष महत्व।।

1. शिशिर ऋतु माघ माह शुक्लपक्ष सप्तमी तिथि है।
2. अचलासप्तमी व आरोग्य सप्तमी भी है।

।।प्रेरणादाई चौपाई।।

एहिं जग जामिनि जागहिं जोगी।
परमारथी प्रपंच बियोगी।।

अर्थ:-श्री लक्ष्मण जी निषाद राज जी को बताते हैं कि यह जगत एक रात्रि है।
या निशा सर्व भूतानां तस्यां जागर्ति संयमी
अतः इस रात्रिवत संसार मे केवल संयमी पुरुष ही जगता है।

सुरेश्वराचार्य भगवान ने वार्तिक में बतायहै- काकोलूकनिशेवायं संसारो ज्ञातमवेदिनः।

जैसे कौवा और उल्लू की रात अलग -अलग होती है जब कौवे का दिन होता है तो उल्लू की रात होती है और जब उल्लू का दिन होता है तो कौवे की रात होती है। इसी प्रकार ज्ञानी और अज्ञानी की दृष्टि जब अज्ञानी सोता है तो वहीं ज्ञानी परमार्थ ब्रम्ह के चिंतन में जगता है और अज्ञानी प्रपंच भेद भावादि में निरत होकर सोता है और प्रपंचवियोगी अर्थात आकार- विकार,प्रकार-संस्कार, आधि, व्याधि, समाधि ये जो उपाधिके कारण है इनपर अपनी दृष्टि नही डालते ये ही प्रपंच वियोगी होते है।

“अस्तु हमें परमात्म के चरणों मे प्रपंच रहित भक्ति रखनी चाहिए तभी कल्याण सम्भव है।”

।।वास्तु टिप विशेष।।

ध्यान रहे अपने पूजन कक्ष में दो शिवलिंग, तीन गणेश, दो शंख, दो सूर्य,तीन दुर्गा ,व दो गोमती चक्र की पूजा नहीं करनी चाहिए इसके लिए अलग से शिखर दार मन्दिर ही उपयुक्त होता है अन्यथा घर मे विषमता बनी रहती है।

।।इति शुभम्।।

।।आचार्य स्वमी विवेकानन्द।।
।।ज्योतिर्विद, वास्तुविद व सरस् कथा व्यास।।
।।श्री अयोध्या धाम।।
संपर्क सूत्र-9044741252

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Author: Ashutosh Mishra

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