असम में बाढ़ ने धारण किया विकराल रूप, 61 लोगों की मौत

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गुवाहाटी: असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। बाढ़ की वजह से सात और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से मरने वाले लोगों की संख्या 61 हो गई है। इस उत्तर पूर्वी राज्य के 24 जिलों में बाढ़ के प्रकोप से दस लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अनेक लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाके से पलायन करना पड़ा है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने राहत शिविरों में डेरा डाल रखा है।

पिछले दो दिनों से बारिश नहीं हो रही है। इससे स्थिति कुछ सुधरी है। लेकिन अब भी चारो ओर पानी भरा हुआ है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण बाढ़ की वजह से बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित इलाकों से पलायन करना पड़ा है या फिर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। बहुत सारे लोग अब भी अपने घरों में फंसे हुए हैं।



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असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार मोरीगांव जिले में एक व्यक्ति की मौत हो जाने से इस साल बाढ़ जनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। गुवाहाटी में बाढ़ की वजह से सबसे अधिक आठ लोगों की मौत हो चुकी है।

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एएसडीएमए ने बताया कि राज्य के धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ, दरांग, नलबाड़ी, बारपेटा, बोंगईगांव, चिरांग, कोकराझार, धुबरी, दक्षिण सल्मारा, ग्वालपाड़ा, मोरीगांव, नगांव, कार्बी आंगलांग, गोलाघाट, जोरहाट, माजुली, शिवसागर, करीमगंज और कछार जिलों के दस लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का 38 प्रतिशत हिस्सा जलमग्न हो गया है।

जिसके चलते कुछ पशुओं की मौतें हुई हैं। एएसडीएमए ने बताया कि बाढ़ से 1,512 गांव प्रभावित हुए हैं। जबकि 50,000 हेक्टेयर में फसलें जलमग्न हो गई हैं। अब भी बहुत बड़ी संख्या में लोग राहत शिविरों में डेरा डाले हुए हैं। सरकार बाढ़ पीड़ितों के बीच चावल, दाल, नमक और सरसों का तेल वितरित कर रही है।

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