अलीगढ़ में हुए एनकाउंटर को लेकर सवालों के घेरे में UP पुलिस, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

अलीगढ़ः यूपी पुलिस इन दिनों धड़ल्ले से एनकाउंटर कर रही है और कई बार फर्जी एनकांउटर करके अपनी फजीहत भी उड़ा चुकी है। इसी कड़ी में ताजा मामला अलीगढ़ का है। यहां पुलिस दो इनामी बदमाश को मारने का दावा कर रही है तो वहीं मृतकों के परिजनों ने पुलिस पर बेकसूरों को मारने का आरोप लगाया है। इस एनकाउंटर से यूपी पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने पत्रकारों को बताया कि हरदुआगंज थाना क्षेत्र के मछुआ गांव के पास पुलिस ने मुस्तकीम तथा नौशाद नामक इनामी बदमाशों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने बताए इनामी बदमाश
साहनी ने बताया कि नौशाद और मुस्तकीम पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। इस मुठभेड़ में एक इंस्पेक्टर भी घायल हुआ है जिसका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अधीक्षक का दावा है कि दोनों अपराधियों ने मरने से पहले अपने बयान में इस महीने के शुरू में हुई दो साधुओं की हत्या के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।


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परिजनों ने कहा बेकसूर थे 
वहीं मुठभेड़ में मारे गए नौशाद की मां शाहीन का कहना है कि उसका बेटा पेशे से मजदूर था और पुलिस ने नौशाद तथा उसके बहनोई मुस्तकीम को पिछले रविवार को अतरौली क्षेत्र में अनेक लोगों के सामने जबरन उठा लिया था और मुठभेड़ के नाम पर दोनों को मार डाला। वे दोनों बेकसूर थे।

पूर्व बसपा विधायक ने की जांच की मांग
उधर, अलीगढ़ शहर से बसपा के पूर्व विधायक हाजी जमीर उल्ला ने कहा कि पुलिस की मुठभेड़ की कहानी बिल्कुल फर्जी है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की। 

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Author: Web_Wing

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