अभी अभी आई बुरी खबर: रुद्रपुर के पूर्व विधायक भाष्कर पाण्डेय का निधन

अपने समय के चर्चित पूर्व विधायक भाष्कर पाण्डेय (80) का शुक्रवार को निधन हो गया। संजय गांधी के करीबी रहे भास्कर पाण्डेय वर्ष 1980 में रूद्रपुर से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गये थे। इसके बाद दो बार टिकट न मिलने पर निर्दल चुनाव लड़े, लेकिन सफलता नहीं मिली।

रूद्रपुर क्षेत्र के बरांव निवासी भाष्कर पाण्डेय सेना की नौकरी छोड़कर राजनीति में आये थे। जुझारू तेवर के भाष्कर पाण्डेय संजय गांधी के बेहद करीबी थे। वर्ष 1980 में रूद्रपुर विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे। वे करीब 9 हजार वोटों से निर्दल प्रत्याशी मुक्तिनाथ यादव को हराकर विधायक चुने गये।

वह अपने समय के काफी चर्चित व तेज तर्रार विधायक थे। जून 1980 में संजय गांधी की आकस्मिक मौत से भाष्कर को रानीतिक धक्का लगा। वर्ष1985 के चुनाव में उनकी जगह रूद्रपुर से कांग्रेस ने गोरखनाथ यादव को टिकट दे दिया। जिसके चलते भास्कर चुनाव नहीं लड़े। वर्ष 1989 में भी जब भाष्कर को टिकट नहीं मिला तो वह निर्दल चुनाव लड़े, लेकिन जनता दल के मुक्तिनाथ से हार गए।


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वह 14241 वोट पाकर दूसरे स्थान पर तथा कांग्रेस प्रत्याशी गोरखनाथ यादव 10 हजार 43 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे।   वर्ष 1991 में भी कांग्रेस ने उनकी जगह रूद्रपुर से संजीव सिंह को मैदान में उतारा। भाष्कर निर्दल चुनाव लड़े और 12 हजार 265 वोट पाकर चौथे तथा कांग्रेस प्रत्याशी संजीव 9347 वोट पाकर पांचवें स्थान पर रहे। वह अपने पीछे तीन बेटे और तीन बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं।

इन वजहों से रहे चर्चित

भाष्कर पाण्डेय अपने तेवर के चलते चर्चित रहे हैं। अधिकारी उनसे काफी डरते थे। वे सोनिया की राह चलो और गांव-गांव से उठी बयार,सोनिया गांधी बहू हमार का नारा देकर चर्चा में आये थे। गोरखपुर आकाशवाड़ी पर इंदिरा गांधी, संजय गांधी, कांग्रेस पार्टी की नारेबाजी से भी वह सुर्खियों में आये थे।

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Author: Web_Wing

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