अगर आपका अकाउंट भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में है तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. बैंक ने अपने करीब 25 करोड़ ग्राहकों को बड़ी राहत दी है, जो अपने बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं बनाए रख पाते हैं. एसबीआई ने खाते में मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाले चार्ज को 75 फीसदी तक घटा दिया है. अर्बन इलाके के लिए मिनिमम बैलेंस चार्ज 50 रुपये से घटाकर 15 रुपये जबकि सेमी अर्बन और ग्रामीण इलाकों में मिनिमम बैलेंस चार्ज 40 रुपये मासिक से घटाकर 12 रुपये और 10 रुपये मासिक किया गया है. हालांकि यह कटौती 1 अप्रैल से लागू होगी.

दिल्ली-मुंबई जैसे मेट्रो शहरों में मौजूदा समय में आपको 3 हजार रुपये का मिनिमम बैलेंस अपने खाते में बनाए रखना पड़ता है, जबकि अर्द्ध शहरी शाखाओं में अकाउंट होने पर आपको 2 हजार रुपये मिनिमम बैलेंस रखना पड़ता है. ग्रामीण इलाकों में एक हजार रुपये मिनिमम बैलेंस के तौर पर खाते में बनाए रखना होता है. मेट्रो शहरों में अगर आप 50 फीसदी से कम मिनिमम बैलेंस बनाए रखते हैं, तो मौजूदा समय में आपको 30 रुपये प्लस जीएसटी देना होता है. इसके हिसाब से आपको 30 रुपये प्लस 5.4 रुपये के जीएसटी के तौर पर देने होंगे.

बैंक इस फैसले से सीधे तौर पर करीब 25 करोड़ ग्राहकों को फायदा पहुंचेगा. बैंक ने कहा है कि विभिन्न स्केटहोल्डर्स से मिले फीडबैक के बाद मिनिमम बैलेंस चार्ज घटाने का फैसला किया गया है.


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अगर दिल्ली मुंबई में आपका खाता है तो इतना कटेगा चार्ज
नए नियम के मुताबिक दिल्ली-मुंबई या अन्य शहरी इलाकों में आपका खाता है तो अब आपके लिए मिनिमम बैलेंस चार्ज 50 रुपये से घटाकर 15 रुपये मासिक कर दिया गया है. इसी तरह सेमी अर्बन और ग्रामीण इलाकों में मिनिमम बैलेंस चार्ज 40 रुपये मासिक से घटाकर 12 रुपये और 10 रुपये मासिक किया गया है. हालांकि इन दरों पर पहले की तरह अब भी जीएसटी लगेगा.

भारी मिनिमम चार्ज से बैंक ने की 1771 करोड़ रुपये की कमाई
ग्राहकों पर भारी मिनिमम बैलेंस चार्ज थोपकर एसबीआई ने केवल आठ महीने में ही 1771 करोड़ रुपये की कमाई की. इसको लेकर विभिन्न स्टेक होल्डर्स ने बैंक की तीखी आलोचना की थी. यह रकम बैंक के अप्रैल-सितंबर की तिमाही में अर्जित शुद्ध लाभ 1581.55 करोड़ रुपये था.

अक्तूबर में भी बैंक ने सर्विस चार्ज घटाया था
पिछले साल अक्तूबर में एसबीआई ने मिनिमम बैंलेस मेंटेन नहीं करने पर सर्विस चार्ज में 20 से 50 फीसदी की कमी की थी. उससे पहले मेट्रो और अर्बन कस्टमर्स से 40 से 100 रुपये चार्ज किए जाते थे. इससे घटाकर 30 से 50 रुपये किया गया. सेमी अर्बन और ग्रामीण इलाकों के लिए इस चार्ज को 25 से 75 रुपये से घटाकार 20 से 40 रुपये किया गया था.

जमा पर ब्याज दर बढ़ाई 
पिछले दिनों देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने अपनी खुदरा और थोक जमा दरों को 0.75 फीसदी तक बढ़ाया था. एक करोड़ रुपये तक की खुदरा जमा दर में 0.50 प्रतिशत तक वृद्धि की गई थी. एसबीआई के इस कदम से फिक्स्ड डिपॉजिट करनेवाले लाखों लोगों को फायदा हुआ है. खासकर, रिटायर्ड पर्सन ज्यादा फायदे में हैं. दरअसल, इस वर्ष के केंद्रीय बजट में एफडी में पैसे लगानेवाले रिटायर्ड इन्वेस्टरों के लिए टीडीएस की सीमा 10,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये करके बड़ा फायदा दिया गया था.